महाभारत 3.268.2
रावणश्च विधिं चक्रे लङ्कायां शास्त्रनिर्मितम्प्रकृत्यैव दुराधर्षा दृढप्राकारतोरणा
rāvaṇaśca vidhiṃ cakre laṅkāyāṃ śāstranirmitamprakṛtyaiva durādharṣā dṛḍhaprākāratoraṇā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें