महाभारत 3.268.36
केशाकेश्यभवद्युद्धं रक्षसां वानरैः सहनखैर्दन्तैश्च वीराणां खादतां वै परस्परम्
keśākeśyabhavadyuddhaṃ rakṣasāṃ vānaraiḥ sahanakhairdantaiśca vīrāṇāṃ khādatāṃ vai parasparam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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