महाभारत 3.270.9ततः शब्दो महानासीत्तुमुलो लोमहर्षणःरामरावणसैन्यानामन्योन्यमभिधावताम्tataḥ śabdo mahānāsīttumulo lomaharṣaṇaḥrāmarāvaṇasainyānāmanyonyamabhidhāvatāmइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें