महाभारत 3.289.14
वरान्वृणीष्व कल्याणि दुरापान्मानुषैरिहयैस्त्वं सीमन्तिनीः सर्वा यशसाभिभविष्यसि
varānvṛṇīṣva kalyāṇi durāpānmānuṣairihayaistvaṃ sīmantinīḥ sarvā yaśasābhibhaviṣyasi
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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