महाभारत 3.289.3
तं च सर्वासु वेलासु भक्ष्यभोज्यप्रतिश्रयैःपूजयामास सा कन्या वर्धमानैस्तु सर्वदा
taṃ ca sarvāsu velāsu bhakṣyabhojyapratiśrayaiḥpūjayāmāsa sā kanyā vardhamānaistu sarvadā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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