महाभारत 3.29.32
एत एवंविधाः कालाः क्षमायाः परिकीर्तिताःअतोऽन्यथानुवर्तत्सु तेजसः काल उच्यते
eta evaṃvidhāḥ kālāḥ kṣamāyāḥ parikīrtitāḥato'nyathānuvartatsu tejasaḥ kāla ucyate
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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