महाभारत 3.292.3
न हि तां वेद नार्यन्या काचिद्धात्रेयिकामृतेकन्यापुरगतां बालां निपुणां परिरक्षणे
na hi tāṃ veda nāryanyā kāciddhātreyikāmṛtekanyāpuragatāṃ bālāṃ nipuṇāṃ parirakṣaṇe
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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