महाभारत 3.295.16
तेषां समुपविष्टानां नकुलो दुःखितस्तदाअब्रवीद्भ्रातरं ज्येष्ठममर्षात्कुरुसत्तम
teṣāṃ samupaviṣṭānāṃ nakulo duḥkhitastadāabravīdbhrātaraṃ jyeṣṭhamamarṣātkurusattama
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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