महाभारत 3.296.39
ततः कुन्तीसुतो राजा विचिन्त्य पुरुषर्षभःसमुत्थाय महाबाहुर्दह्यमानेन चेतसा
tataḥ kuntīsuto rājā vicintya puruṣarṣabhaḥsamutthāya mahābāhurdahyamānena cetasā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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