महाभारत 3.3.24
लोकाध्यक्षः प्रजाध्यक्षो विश्वकर्मा तमोनुदःवरुणः सागरोंऽशुश्च जीमूतो जीवनोऽरिहा
lokādhyakṣaḥ prajādhyakṣo viśvakarmā tamonudaḥvaruṇaḥ sāgaroṃ'śuśca jīmūto jīvano'rihā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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