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महाभारत 3.30.11
तस्यात्मानं संत्यजतो लोका नश्यन्त्यनात्मनःतस्माद्द्रौपद्यशक्तस्य मन्योर्नियमनं स्मृतम्
tasyātmānaṃ saṃtyajato lokā naśyantyanātmanaḥtasmāddraupadyaśaktasya manyorniyamanaṃ smṛtam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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