महाभारत 3.31.32
अन्यथा परिदृष्टानि मुनिभिर्वेददर्शिभिःअन्यथा परिवर्तन्ते वेगा इव नभस्वतः
anyathā paridṛṣṭāni munibhirvedadarśibhiḥanyathā parivartante vegā iva nabhasvataḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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