महाभारत 3.33.26
ततः प्रवर्तते पश्चात्करणेष्वस्य सिद्धयेतां सिद्धिमुपजीवन्ति कर्मणामिह जन्तवः
tataḥ pravartate paścātkaraṇeṣvasya siddhayetāṃ siddhimupajīvanti karmaṇāmiha jantavaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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