महाभारत 3.33.42
अथ वा सिद्धिरेव स्यान्महिमा तु तथैव तेवृकोदरस्य बीभत्सोर्भ्रात्रोश्च यमयोरपि
atha vā siddhireva syānmahimā tu tathaiva tevṛkodarasya bībhatsorbhrātrośca yamayorapi
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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