महाभारत 3.36.32
अस्ति मासः प्रतिनिधिर्यथा प्राहुर्मनीषिणःपूतिकानिव सोमस्य तथेदं क्रियतामिति
asti māsaḥ pratinidhiryathā prāhurmanīṣiṇaḥpūtikāniva somasya tathedaṃ kriyatāmiti
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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