महाभारत 3.36.33अथ वानडुहे राजन्साधवे साधुवाहिनेसौहित्यदानादेकस्मादेनसः प्रतिमुच्यतेatha vānaḍuhe rājansādhave sādhuvāhinesauhityadānādekasmādenasaḥ pratimucyateइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें