महाभारत 3.37.19एतद्वचनमाज्ञाय भीमसेनोऽत्यमर्षणःबभूव विमनास्त्रस्तो न चैवोवाच किंचनetadvacanamājñāya bhīmaseno'tyamarṣaṇaḥbabhūva vimanāstrasto na caivovāca kiṃcanaइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें