महाभारत 3.46.24
तत्रैनं लोकपालास्ते दर्शयामासुरर्जुनम्अस्त्रहेतोः पराक्रान्तं तपसा कौरवर्षभम्
tatrainaṃ lokapālāste darśayāmāsurarjunamastrahetoḥ parākrāntaṃ tapasā kauravarṣabham
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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