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महाभारत 3.5.9
अथैतदेवं न करोषि राज;न्ध्रुवं कुरूणां भविता विनाशःन हि क्रुद्धो भीमसेनोऽर्जुनो वा; शेषं कुर्याच्छात्रवाणामनीके
athaitadevaṃ na karoṣi rāja;ndhruvaṃ kurūṇāṃ bhavitā vināśaḥna hi kruddho bhīmaseno'rjuno vā; śeṣaṃ kuryācchātravāṇāmanīke
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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