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महाभारत 3.50.1
बृहदश्व उवाच · bṛhadaśva uvāca
आसीद्राजा नलो नाम वीरसेनसुतो बलीउपपन्नो गुणैरिष्टै रूपवानश्वकोविदः
āsīdrājā nalo nāma vīrasenasuto balīupapanno guṇairiṣṭai rūpavānaśvakovidaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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