महाभारत 3.53.4
यदि चेद्भजमानां मां प्रत्याख्यास्यसि मानदविषमग्निं जलं रज्जुमास्थास्ये तव कारणात्
yadi cedbhajamānāṃ māṃ pratyākhyāsyasi mānadaviṣamagniṃ jalaṃ rajjumāsthāsye tava kāraṇāt
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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