महाभारत 3.57.10
बृहत्सेना तु तच्छ्रुत्वा दमयन्त्याः प्रभाषितम्वार्ष्णेयमानयामास पुरुषैराप्तकारिभिः
bṛhatsenā tu tacchrutvā damayantyāḥ prabhāṣitamvārṣṇeyamānayāmāsa puruṣairāptakāribhiḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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