महाभारत 3.57.7
वाक्यमप्रतिनन्दन्तं भर्तारमभिवीक्ष्य सादमयन्ती पुनर्वेश्म व्रीडिता प्रविवेश ह
vākyamapratinandantaṃ bhartāramabhivīkṣya sādamayantī punarveśma vrīḍitā praviveśa ha
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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