महाभारत 3.59.19
यां न वायुर्न चादित्यः पुरा पश्यति मे प्रियाम्सेयमद्य सभामध्ये शेते भूमावनाथवत्
yāṃ na vāyurna cādityaḥ purā paśyati me priyāmseyamadya sabhāmadhye śete bhūmāvanāthavat
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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