महाभारत 3.61.24
महाराज महारण्ये मामिहैकाकिनीं सतीम्आभाषमाणां स्वां पत्नीं किं मां न प्रतिभाषसे
mahārāja mahāraṇye māmihaikākinīṃ satīmābhāṣamāṇāṃ svāṃ patnīṃ kiṃ māṃ na pratibhāṣase
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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