महाभारत 3.70.7
तं दृष्ट्वा बाहुकं राजा त्वरमाणोऽभ्यभाषतममापि सूत पश्य त्वं संख्याने परमं बलम्
taṃ dṛṣṭvā bāhukaṃ rājā tvaramāṇo'bhyabhāṣatamamāpi sūta paśya tvaṃ saṃkhyāne paramaṃ balam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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