महाभारत 3.75.3
ततस्त्वां ब्राह्मणो विद्वान्पर्णादो नाम पार्थिवअभ्यगच्छत्कोसलायामृतुपर्णनिवेशने
tatastvāṃ brāhmaṇo vidvānparṇādo nāma pārthivaabhyagacchatkosalāyāmṛtuparṇaniveśane
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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