महाभारत 3.76.12
यदि वा बुद्धिपूर्वाणि यद्यबुद्धानि कानिचित्मया कृतान्यकार्याणि तानि मे क्षन्तुमर्हसि
yadi vā buddhipūrvāṇi yadyabuddhāni kānicitmayā kṛtānyakāryāṇi tāni me kṣantumarhasi
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें