महाभारत 3.77.16
श्रुत्वा तु तस्य ता वाचो बह्वबद्धप्रलापिनःइयेष स शिरश्छेत्तुं खड्गेन कुपितो नलः
śrutvā tu tasya tā vāco bahvabaddhapralāpinaḥiyeṣa sa śiraśchettuṃ khaḍgena kupito nalaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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