महाभारत 3.79.4
वैशंपायन उवाच · vaiśaṃpāyana uvāca
गते तु काम्यकात्तात पाण्डवे सव्यसाचिनिबभूवुः कौरवेयास्ते दुःखशोकपरायणाः
gate tu kāmyakāttāta pāṇḍave savyasācinibabhūvuḥ kauraveyāste duḥkhaśokaparāyaṇāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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