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महाभारत 3.8.12
कर्ण उवाच · karṇa uvāca
काममीक्षामहे सर्वे दुर्योधन तवेप्सितम्ऐकमत्यं हि नो राजन्सर्वेषामेव लक्ष्यते
kāmamīkṣāmahe sarve duryodhana tavepsitamaikamatyaṃ hi no rājansarveṣāmeva lakṣyate
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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