महाभारत 3.8.3
एष प्रत्यागतो मन्त्री धृतराष्ट्रस्य संमतःविदुरः पाण्डुपुत्राणां सुहृद्विद्वान्हिते रतः
eṣa pratyāgato mantrī dhṛtarāṣṭrasya saṃmataḥviduraḥ pāṇḍuputrāṇāṃ suhṛdvidvānhite rataḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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