महाभारत 3.82.100
ततो विशालामासाद्य नदीं त्रैलोक्यविश्रुताम्अग्निष्टोममवाप्नोति स्वर्गलोकं च गच्छति
tato viśālāmāsādya nadīṃ trailokyaviśrutāmagniṣṭomamavāpnoti svargalokaṃ ca gacchati
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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