महाभारत 3.82.136
उर्वशीतीर्थमासाद्य ततः सोमाश्रमं बुधःकुम्भकर्णाश्रमे स्नात्वा पूज्यते भुवि मानवः
urvaśītīrthamāsādya tataḥ somāśramaṃ budhaḥkumbhakarṇāśrame snātvā pūjyate bhuvi mānavaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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