महाभारत 3.82.55
तत्र मासं वसेद्धीरो नैमिषे तीर्थतत्परःपृथिव्यां यानि तीर्थानि नैमिषे तानि भारत
tatra māsaṃ vaseddhīro naimiṣe tīrthatatparaḥpṛthivyāṃ yāni tīrthāni naimiṣe tāni bhārata
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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