महाभारत 3.86.16
सुराष्ट्रेष्वपि वक्ष्यामि पुण्यान्यायतनानि चआश्रमान्सरितः शैलान्सरांसि च नराधिप
surāṣṭreṣvapi vakṣyāmi puṇyānyāyatanāni caāśramānsaritaḥ śailānsarāṃsi ca narādhipa
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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