महाभारत 3.86.2यस्यामाख्यायते पुण्या दिशि गोदावरी नदीबह्वारामा बहुजला तापसाचरिता शुभाyasyāmākhyāyate puṇyā diśi godāvarī nadībahvārāmā bahujalā tāpasācaritā śubhāइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें