महाभारत 3.89.2
तं पाण्डवाग्रजो राजा सगणो ब्राह्मणाश्च तेउदतिष्ठन्महाभागं दिवि शक्रमिवामराः
taṃ pāṇḍavāgrajo rājā sagaṇo brāhmaṇāśca teudatiṣṭhanmahābhāgaṃ divi śakramivāmarāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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