महाभारत 3.94.7
समाह्वयति यं वाचा गतं वैवस्वतक्षयम्स पुनर्देहमास्थाय जीवन्स्म प्रतिदृश्यते
samāhvayati yaṃ vācā gataṃ vaivasvatakṣayamsa punardehamāsthāya jīvansma pratidṛśyate
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें