महाभारत 3.95.13
ततो बहुतिथे काले लोपामुद्रां विशां पतेतपसा द्योतितां स्नातां ददर्श भगवानृषिः
tato bahutithe kāle lopāmudrāṃ viśāṃ patetapasā dyotitāṃ snātāṃ dadarśa bhagavānṛṣiḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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