महाभारत 4.13.4
तां दृष्ट्वा देवगर्भाभां चरन्तीं देवतामिवकीचकः कामयामास कामबाणप्रपीडितः
tāṃ dṛṣṭvā devagarbhābhāṃ carantīṃ devatāmivakīcakaḥ kāmayāmāsa kāmabāṇaprapīḍitaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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