महाभारत 4.15.21
कथं ते सूतपुत्रेण वध्यमानां प्रियां सतीम्मर्षयन्ति यथा क्लीबा बलवन्तोऽमितौजसः
kathaṃ te sūtaputreṇa vadhyamānāṃ priyāṃ satīmmarṣayanti yathā klībā balavanto'mitaujasaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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