महाभारत 4.21.55
मुहूर्तं तु स तं वेगं सहित्वा भुवि दुःसहम्बलादहीयत तदा सूतो भीमबलार्दितः
muhūrtaṃ tu sa taṃ vegaṃ sahitvā bhuvi duḥsahambalādahīyata tadā sūto bhīmabalārditaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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