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महाभारत 4.63.36
वैशंपायन उवाच · vaiśaṃpāyana uvāca
प्रवर्तमाने द्यूते तु मत्स्यः पाण्डवमब्रवीत्पश्य पुत्रेण मे युद्धे तादृशाः कुरवो जिताः
pravartamāne dyūte tu matsyaḥ pāṇḍavamabravītpaśya putreṇa me yuddhe tādṛśāḥ kuravo jitāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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