महाभारत 5.112.14
एकतःश्यामकर्णानां शुभ्राणां शुद्धजन्मनाम्अष्टौ शतानि मे देहि हयानां चन्द्रवर्चसाम्
ekataḥśyāmakarṇānāṃ śubhrāṇāṃ śuddhajanmanāmaṣṭau śatāni me dehi hayānāṃ candravarcasām
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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