महाभारत 5.118.19
कर्मणा केन सिद्धोऽयं क्व वानेन तपश्चितम्कथं वा ज्ञायते स्वर्गे केन वा ज्ञायतेऽप्युत
karmaṇā kena siddho'yaṃ kva vānena tapaścitamkathaṃ vā jñāyate svarge kena vā jñāyate'pyuta
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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