महाभारत 5.133.19
अथ त्वां पूजयिष्यामि हत्वा वै सर्वसैन्धवान्अहं पश्यामि विजयं कृत्स्नं भाविनमेव ते
atha tvāṃ pūjayiṣyāmi hatvā vai sarvasaindhavānahaṃ paśyāmi vijayaṃ kṛtsnaṃ bhāvinameva te
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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