महाभारत 5.136.4
क्लेशिता हि त्वया पार्था धर्मपाशसितास्तदासभायां द्रौपदी चैव तैश्च तन्मर्षितं तव
kleśitā hi tvayā pārthā dharmapāśasitāstadāsabhāyāṃ draupadī caiva taiśca tanmarṣitaṃ tava
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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