महाभारत 5.141.25
पूर्वा दिग्लोहिताकारा शस्त्रवर्णा च दक्षिणाआमपात्रप्रतीकाशा पश्चिमा मधुसूदन
pūrvā diglohitākārā śastravarṇā ca dakṣiṇāāmapātrapratīkāśā paścimā madhusūdana
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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