महाभारत 5.141.38
श्वेतोष्णीषाश्च दृश्यन्ते त्रय एव जनार्दनधार्तराष्ट्रस्य सैन्येषु तान्विजानीहि केशव
śvetoṣṇīṣāśca dṛśyante traya eva janārdanadhārtarāṣṭrasya sainyeṣu tānvijānīhi keśava
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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